vyac | व्यच् | vyac
1. vyac | व्यच् | (cf. √ vic | विच् |; prob. orig. identical with 2. vy-√ ac | व्य्-√ अच् |) cl. 6. P. (Dhātup. xxviii, 12) vicati | विचति | (only in cl. 3. pr. vivyakti | विव्यक्ति |, 3. du. vivikta/s | विविक्त/स् |, Subj. vivya/cat | विव्य/चत् |, RV. ; impf. avivyak | अविव्यक् |, 3. pl. avivyacus | अविव्यचुस् |, ib.; pf. vivyāca | विव्याच |, 2. sg. vivya/kṭa | विव्य/क्ट |, ib.; Br.; Gr. also aor. avyācīt | अव्याचीत् | or avyacīt | अव्यचीत् |; Prec. vicyāt | विच्यात् |; fut. vyacitā | व्यचिता |, vicitā | विचिता |; vyaciśyati | व्यचिश्यति |; inf. vyacitum | व्यचितुम् |; ind.p. vicitvā | विचित्वा |), to encompass, embrace, comprehend, contain, RV.; AitBr.; (vicati | विचति |) to cheat, trick, deceive, Dhātup. : Caus. vyācayati | व्याचयति | (aor. avivyacat | अविव्यचत् |) Gr.: Desid. vivyaciśati | विव्यचिशति |, ib. : Intens. vevicyate | वेविच्यते |, vāvyacīti | वाव्यचीति |, vāvyakti | वाव्यक्ति |, ib.
2. vy-√ ac | व्य्-√ अच् | (or aẏc | अय़्च् |), P. Ā. -acati | -अचति |, ˚te | ˚ते |, to bend asunder, make wide, extend, RV.; AV.
2. vy-√ ac | व्य्-√ अच् | (or aẏc | अय़्च् |), P. Ā. -acati | -अचति |, ˚te | ˚ते |, to bend asunder, make wide, extend, RV.; AV.